पार्टी घोषणा पत्र -

शिक्षा व्यवस्था

राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था का दर्जा सुधारना, निशुल्क और समान शिक्षा व्यवस्था का निर्माण, सर्व शिक्षा अभियान को सक्ती से लागु कराना, शिक्षा व्यवस्था से निजीकरण एवं निजी क्लासेस को हटाना है। शिक्षकों से शिक्षा के अलावा कोई काम न कराया जाये, जरुरी स्तरपर शिक्षकों की भर्ती, शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी तथा सरकारी आवास उपलब्ध करना।

कृषि व्यवस्था

हमारे देश के ८० प्रतिशत लोगों का व्यवसाय खेती है। लेकिन हम इस व्यवसाय से भटक चुके है। कृषि व्यवसाय भारी संकट से गुजर रहा है। कम भाव की वजह से किसानों को लगत से भी कम आय हो रही है। इसलिए किसान सावकर या बैंक से कर्जा ले रहे है। कर्ज चुकाने से असमर्थ होने पर खुदखुशी कर रहा है। फसलों की विमा सुरक्षा खोकली है। हमें कृषि व्यवसाय को बढ़ावा देना है। कृषि क्षेत्र में आधुनिकता को लाना है। कृषि क्षेत्र को शिक्षा व्यवस्था में दर्जा और स्थान दिलाना है। लागत से दुगने भाव तथा फसलों को खरीदने की हमी देना है। तथा खुले निर्यात धोरण का पुरस्कार करते है। किसानों को न्यूनतंम दरों में बिजली, सरकार द्वारा कर्ज उपलब्ध करना हमारा ध्येय है।
कृषि व्यवसाय के साथ जुड़े अन्य व्यवसाय का मार्गदर्शन तथा अर्थ सहाय्य उपलब्ध करना है। किसान व्यवसाय से जुड़े आधुनिक मशीन्स को उपलब्ध करना है। एरिगेशन को बढ़ावा देना है।

रोजगार निर्माण

भारत बेरोजगारी की संकट से गुजर रहा है। सरकारी तिजोरी का पैसा सही जगह, जहा खर्चा होना चाहिए वह नहीं हो रहा है। बल्की उसे मुफ्त की योजनाए भ्रष्टाचार की मार्ग से खर्च किया जा रहा है। परिणामत: सरकार नौकरों को पगार देने में असमर्थ नजर आ रही है। जो नौकरी में है उन्हें निकला जाना, उन्हें स्थायी करार न देना, उसे रिटायर्ड जल्दी या देर से करना, उसके निजी फंड से खेलना, पैसो कि कमी से नौकर भर्ती को बंद रखना, जो नौकरी में है उनपर काम का अतिरिक्त बोज डालकर काम बढ़ाना। ऐसे हालत है...
देश में जाचक और ज्यादा कर वृद्धि के कारण स्थानिक उद्योजक को ख़त्म किया जा रहा है। स्थानिक उत्पादन को निर्यात करने के धोरण में सरकार ध्यान नहीं देती। पैसा लेकर बाहरी देशों के साथ व्यापार निती तय होती है । बाहर का उत्पादन देश में आने से देश का आर्थिक हिस्सा परदेशो में जा रहा है। स्वदेसी उद्योग व उत्पादन बंद होने से रोजगार निर्माण घट गया है। भ्रष्ट प्रणाली कि वजह से सरकार खुद कर्जे के बोझ तले है।
हमें उपरोक्त सभी प्रणाली में सुधर लाना है। स्थानिक, स्वदेशी उद्योग तथा उत्पादकता को बढ़ावा देना है। राज्य एवं देश को कर्ज मुक्त कराना है। शासन व्यवस्था से कमजोर तथा भ्रष्ट कर्मचारियों को हटाकर नए होनहार युवा को नौकरी उपलब्ध कराना तथा रिक्त पदोंपर नौकर भर्ती कराना है। ताकी सभी कार्य समय में और अच्छेसे हो और उपलब्ध कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ ना पड़े।

ग्रामीण विकास

श्रमजीवी को रोजगार प्राप्ती के अवसर उपलब्ध कराना । हर गांव में स्कूल, आरोग्य केंद्र, वाचनालय, अभ्यासिका, ग्रामपंचायत कार्यालय, इंटरनेट सेवा कि व्यवस्था, ग्रामीण जीवन कि सुरक्षा हेतु स्वछता तथा सुरक्षित पेय जल मुहैय्या कराना, विद्युतीकरण परिवहन व्यवस्था रास्तो का निर्माण कराने के प्रति पक्ष प्रयत्नशील रहेगा।

सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था

हम देख रहे हे की सुरक्षा व्यवस्था जैसे की पुलिस विभाग, सीबीआय, एन आय और भी कई एजेंसिस और व्यवस्थाएँ जनता या राष्ट्रिय सुरक्षा पे काम नहीं कर रही है बल्कि राजनितिक नेता तथा सरकार के हित में काम कर रही है।
कानून व्यवस्था की धीमी गती और अपारदर्शकता के कारन व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठ गया है। काफी तादाद में न्याय व्यवस्था सरकार के प्रभाव में काम कर रही है। जात-धर्म के आधार पर गुनहगार छुड़ाने के प्रयास सफल होते दिख रहे है ।
हमारी पार्टी उपरोक्त व्यवस्था से असुविधा को दूर करने का प्रयास करेगी, पारदर्शक रूप में कार्य का स्वरूप होगा। तथा न्याय व्यवस्था को गतिमान करने के हेतु इस व्यवस्था असुविधाओं को दूर किया जायेगा ।रिक्त पदोंपर न्यायाधीश तथा अन्य कर्मचारियों की भर्ती होगी। भा.द. वी. नुसार न्याय की काल मर्यादा को तय किया जायेगा। सरकारी वकील को सभी केसेस में ध्यान देना असंभव होता है, इसलिए वादी तथा प्रतिवादी को अपना वकील नियुक्त करने की अनुमति होगी। सिविल कोर्ट के पॉपर्टी अनामत रक्कम को पुनर्विचार किया जायेगा।

खेल विभाग

भारत में सबसे ज्यादा अहमियत क्रिकेट को दि गयी है, क्यों की उस मे बहोत पैसा है और उसे सरकार या पार्टी का कोई सदयस्य चलता है, खिलाड़ियों का चयन भी ले-देकर होता है । इस वजह से हमारे देश का आंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्जा कम हो रहा है। हम भारत के सभी पूर्वापर खेलों को राष्ट्रिय तथा आंतरराष्ट्रीय स्तरपर पहचान दिलाना चाहते है। गुणवत्ता नुसार खिलाडियों का चयन हो। आंतराष्ट्रीय स्तरपर देश का नाम रोशन करनेवाले खिलाडियों को आर्थिक मदत होगी और खेल विभाग राजकीय हस्तक्षेप मुक्त होगा इस विभाग की बागडोर जाने माने अनुभवी सेवा निवृत्त खिलाडियों के हाथ में होगी।

सक्षम सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मिलेट्री ,पुलिस सेवा, सी.बी.आय, एन.आय.ए. जैसे सभी विभागों को राजकीय हस्तक्षेप मुक्त किया जायेगा। स्वतंत्रता तथा स्वायतत्ता प्रदान की जाएगी। जरुरी स्तर पर आधुनिक उपकरण दिए जायेंगे। करमियोंके खान-पान आरोग्य को एहमियत बर्ती जाएगी। उन के वेतन, निवास तथा परिजनों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करेंगे । सभी विभागों में रिक्त पदोंपर भर्ती होगी साप्ताहिक छुट्टी एवं कार्य कल को ८ घंटे रखा जायेगा और इन्हे अहम् सन्मान प्रदान किया जायेगा।

समानता का पुरस्कार

हम सभी भारतीय नागरिकों को समानता का हक़ दिलाना चाहते है। हर भारतीय नागरिक को भारतीयता की पहचान दिलाना चाहते है। शिक्षा व्यवस्था, शासन और प्रशासन को जात, धर्म, पंथ मुक्त रूप में देखना चाहते है। जिस से भारत की समता, एकता और अखंडता को बरक़रार रखा जाये। भारतीय व्यवस्था में समानता लाना चाहते है ।

पर्यावरण संतुलन

आज तक हमारे देश पर्यावरण के बारे में सिर्फ चर्चा होती है। लेकिन किसी भी सरकारने प्रत्यक्ष रूप पर्यावरण सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये। पंधरह रुपये का छोटा पौधा एक सौ पचास रुपये में खरीदी दिखाकर भ्रष्टाचार होता है । वृक्षारोपण होता है लेकिन उसका पालन पोषण नहीं किया जाता ।
जनसँख्या की तुलना में वृक्षों की संख्या बहोत काम है । वाहनोंद्वारे तथा औद्योगिकता द्वारा सभी बड़े शहरो मे वायु प्रदुषण घातक साबित हो रहा है । वहा के नागरिकों को श्वसन विषयक बिमारियों का सामना करना पड रहा है । प्रदुषण सिर्फ हवा में ही नहीं पानी में भी प्रदुषण है। जो जहर की तरह साबित हो रहा है । ध्वनी प्रदुषण भी कम नहीं है, लेकिन पर्यावरण जैसे हमारे जीवन शैली का अंग ही नहीं इस नजर से उसे देखा जा रहा है । हमारी पार्टी को इस समस्या पर काम करना है ।

जनसंख्या नियंत्रण

हमारे देश में चुनाव विकास के मुद्देपर नहीं बल्कि जात धर्म के नामपर जीते जाते है। देश में जिस जाती धर्म की संख्या जितनी ज्यादा होगी उतना ही देश की राजनीती में ज्यादा प्रभाव होता है। सत्ता प्राप्त करना आसान होता है, क्यों की लोग अपने जाती धर्म के सांसद को ही वोट करते है ।
यही कारन है की कुछ धर्म के लोग अपनी जनसंख्या बढ़ने में जुटे है। यु कहो की स्पर्धात्मक स्थिति पैदा हो चुकी है । आज हमारा देश जनसंख्या के मामले में दुनिया में २ नंबर पे है । आनेवाले कुछ सालो में हमारा देश दुनिया का १ नंबर देश होगा ।
देश की मौजूदा राजनितिक पार्टिया. या सरकार वोटो के खातिर जनसंख्या पर रोक लगाकर किसी को नाराज नहीं करना चाहती है । जिन लोगों को दो से ज्यादा बच्चे है, वो लोग उनकी ठीक से परवरिश नहीं कर पाते। शिक्षा का बोज भी नहीं उठा पाते। इसलिए दिनबदिन साक्षरता घटती जा रही है। परिणामतः धर्मान्धता. गुंडागर्दी, अंधश्रद्धा का बढ़ावा मिल रहा है । अशिक्षित होने के कारण ऐसे लोगों का गलत उपयोग किया जा रहा है । उन्हें जात धर्म के नामपर भड़काया जा रहा है । देश में दंगे, फसाद, मॉब लीचिंग हो रहा है । देश की अखंडता का खतरा पैदा हो चूका है । सांप्रदायिक होने का सिर्फ नाटक हो रहा है । इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाकर पुरे देश में सामान रुपये लागु होना जरुरी है । पार्टी ऑफ़ यूनाइटेड इंडियन्स इस बदलाव की पूरी कोशिश करेगी ।

शासन प्रणाली के खिलाफ संघर्ष (Fight against System)

निजी लाभ के लिए राजनितिक लोग अपने पद प्राप्त शक्तियों का दूरउपयोग कर के भ्रष्टाचार हो रहा है । राजनितिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार समाज को और व्यवस्था को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है । भ्रष्टाचार में निजी क्षेत्र और कॉर्पोरेटर क्षेत्र भी शामिल है । सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार करीब - करीब १०० प्रतिशत बढ़ चूका है । कोई भी सरकारी प्रणाली के दफ्तर में, पुलिस ठाणे, न्यायलय में जाना पड़े तो वहा सहाय्यता नहीं मिलती। बल्की टॉर्चर किया जा रहा है । यदि आप कुछ देने की बात कहो तो ही काम निकलता है। वर्ना चक्कर कटवाए जाते है । यदि आप किसी अफसर पर गुस्सा होते हो, या हाथ उठाते हो तो आप पर केस दर्ज किया जाता है । इस प्रणाली के खिलाफ अनशन करो या ऊपर शिकायत करने पर भी कुछ नहीं होता है । निचे से ऊपर तक सब एक ही श्रृंखला में बंधे है । सारी व्यवस्था बिगड़ चुकी है। पार्टी की सबसे बढ़ी लड़ाई देश की मौजूदा प्रणाली के खिलाफ है । हम इसमें पारदर्शकता लाना चाहते है ।

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