राष्ट्रीय अध्यक्ष, - अशोक बहादरे
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक, बहु भाषीय, बहु धर्मीय देश है। लेकिन आज देश की अखंडता टूटती हुई नजर आ रही है। क़रीब-क़रीब सभी लोग जाती और धर्म मे बंट चुके है। मैं संयुक्त भारत पक्ष के माध्यम से उन्हें दुबारा जोड़ना चाहता हु। सबको भारतीय होने का अहसास दिलाना चाहता हु। भारत को फिर से संयुक्त रूप में देखना चाहता हूँ। आप सभी मुझ से श्रेष्ठ है।मैं आप के कंदे से कंदा मिलाना चाहता हूं। हम सब को फिर से एक होने की जरूरत है।
मुझे इस देश के केंद्र शासित प्रदेश, राज्य दिखाई नही देते।यहाँ की जाती और धर्म दिखाई नही देते। ये सब भारत के अविभाज्य अंग है और ये सब मिलकर ही भारत बनाता है। मैं मानव धर्म पर विश्वास करता हु। हम मानवतावादी है। हर धर्म सार्वभौम है। लेकिन हम उसे अपनी सुविधाओं के अनुसार सांप्रदायिक बना रहे है और बाह्य उद्दिष्ठो के लिए उसकी सार्वभौमिकता की उपेक्षा कर उसे सांप्रदायिक बना रहे है। अगर हम उच्च और प्रगल्भ विचारधारा की योग्यता रखते है तो हमे किसी धर्म मे बुराई नजर नही आयेगी। धर्म जिंदगी जीने का महज एक तरीका है। हर व्यक्ति को भगवान की तरह देखो। सब अच्छा नजर आयेगा।
मैं आपस मे लड़ना या लड़वाना नही चाहता हूँ। भलाई आप हमें स्वीकार करो या ना करो। हम इन्ही सिद्धान्तों पर चलेंगे। इसी राह पर चलेंगे। मुझे सफलता की कोई जल्दी नही है और असफलता का डर भी नही है। हम कोई स्वार्थ के उद्देश्यों को लेकर नही आये है। कुछ विचारो के सिवा देने के लिए मेरे पास कुछ नही है। मैं आप सब के सामने बहोत छोटा हु। जीने के लिए जो था काफ़ी था। खुश था मैं अपनी घर गृहस्थी में... लेकिन मैं इस देश से प्यार करता हूं। हर देशवासी से प्यार करता हूं। देश को टुकड़ो में बंटते नही देख सकता। देश को महंगाई में जलते नही देख सकता। मैं यहाँ की बेरोजगारी और भूक मरी को नहो देख सकता। आनेवाली युवा पीढ़ी को बरबाद होते हुवे नही देख सकता।देश को लूटते और बिकते नही देख सकता। वर्ना मैं राजनीति में आने का कदम कभी नही उठाता। सत्ता के बिना परिवर्तन असंभव है। इसी कारण सत्ता हमारी जरूरत है। व्यवस्था या सत्ता परिवर्तन मेरे अकेले की लड़ाई नही है। ये लड़ाई हम सब की लड़ाई है, क्योंकि हम सब इस व्यवस्था और सत्ता से परेशान है।
मैं आप सब को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हम सब मिलकर इस देश को दुबारा एक संघ बना सकते है। यदि ऐसा होता है तो हमारा देश दुनिया का सब से शक्तिशाली देश बनेगा। हमारे देश की जनसंख्या हमारी कमजोरी नही बल्कि ताक़त बन सकती है। यदि उसे रोजगार और व्यापार के अवसर दिए जाये। कृषि क्षेत्र को आधुनिकता से जोड़ दिया जाये, तो भारत की भूमि सोना उगलती है। यहाँ के किसान बहोत मेहनती है । बस उन के फसलों को सही दाम और उन्हें निर्यात का मौका देने की जरूरत है।
मैं इतिहास को अनुभव के लिए इस्तेमाल करना चाहता हूं।ना कि गढ़े हुए मुर्दे उखाड़ने के लिए... हमारे देश की जरूरत मंदिर या मस्जित नही है। हमारे देश की हर समस्या का निराकरण शिक्षा से हो सकता है। हमे शिक्षा को प्रार्थमिकता देने की जरूरत है। हम संयुक्त भारत पक्ष के लोग शिक्षा की क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते है। ऐसी शिक्षा नौकरी के लिए प्रमाणपत्र नहीं, ज्ञान प्रदान करती हो। शिक्षक इस देश की भविष्य को बदल सकते है। मैं उन्हें सर्वोच्च स्थान दिलाना चाहता हूं।
मेरी उम्र 55 साल है। मुझे पता नही मेरे पास और कितना समय है ? लेकिन मैं इस देश मे बदलाव लाये बिना मरना नही चाहता । बस आप हम पर विश्वास करे हम उसे सार्थक बनाएंगे। ज्यादातर नेता और राजनीतिक दल हम को और इस देश को लूट रहे है। क्योंकि हम बंटे हुए है। वरना 140 करोड़ जनता के सामने चंद बेईमान कहा टिक पाते ? आप बुरे नही हो। आप को भटकाया गया है। आप को जानबूझकर अज्ञानी रखा गया है और आप के अज्ञान का फायदा उठाकर आप को जाती-धर्म, भाषा-प्रान्तों में बांट दिया गया है। आपस मे लड़वाया जा रहा है। आप को मुफ्त की योजनाओं का लालच देकर भिकारी बनाकर, इन्होंने स्विस बैंक में अरबो-खरबों रुपया जमा कर रखे है।
साथियों, अच्छा कौन है? बुरा कौन है ? उसे पहचानो। जात, नेता, पार्टी देखकर वोट मत दो। झूठे वादों पर विश्वास ना करो। हमारे देश मे जरूरत है...
मुफ़्त शिक्षा व्यवस्था की,
- रोजगार की,
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किसानों के फसलो को अच्छे दाम की,
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भ्रष्टाचार मिटाने की,
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स्वास्थ व्यवस्था में सुधार लाने की,
- महंगाई कम करने की,
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कानून व्यवस्था को गतिमान बनाने की,
- पर्यावरण को संतुलित करने की,
- आर्थिक समानता की,
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स्वदेशी को बढ़ावा देने की,
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समानता की,
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भाईचारे की,
- एकता और अखंडता की....
आप हमारा साथ दीजिये। संयुक्त भारत पक्ष से जुड़िये।
राजनीति गंदी नही है।उसे गंदा किया गया है। अच्छे लोग राजनीति में नही आते । इसलिए गुंडे और बदमाश लोग आते है। हर बदलाव का एक वक़्त होता है। व्यवस्था परिवर्तन का समय आ गया है। जब जब चुनाव हुए जात धर्म के अलावा कोई बात नही करता। चुनकर आने के बाद वो अपनी जाती को मुड़कर भी नही देखता।
यही वक़्त है स्वतंत्रता सेनानियों के सपने पूरे करने का ।
यही वक़्त है आज तक मिले जख्मो को भरने का।
यही वक़्त है जिन्होंने तुम्हे और इस देश को बरबाद किया है उनको सबक सिखाने का... हम एक नई सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना है।जो जाती, वर्ण, वंश, धर्म, लिंग, संस्कृति, सम्पति के भेदभाव से मुक्त, शोषण रहित, समता पूर्ण और न्याय पर आधारित हो। अगर जाती व्यवस्था हमारे बीच भेद पैदा करती है तो उसका उन्मूलन करना होगा।
प्रखर देशभक्ति को जगाना होगा। ढोंगी राष्ट्रवाद को पहचानना होगा। समाज मे जो बुराइयां फैला दी गई है वही राष्ट्र के लिए घातक साबित हो रही है। आपकी चेतना और राजनीतिक जागरूकता देश का उत्थान कर सकती है। हम दबे कुचले लोगो को सत्ता के शिखर पर ले जाना चाहते है।
राष्ट्रीय एकीकरण... अखंड भारत यही मेरा सपना है। सक्षम और समर्थ भारत का निर्माण करना चाहते है । राजनीति की रचना बदलनी होगी। ऊंचे आदर्शो में आस्था रखनी होगी। देश मे शासकीय भ्रष्टाचार, सामाजिक अराजकता, राजकीय भ्रष्टाचार, अपराधिकरण ये सत्ता की उपज है। इन्हे हटाया नही जाता तब तक परिवर्तन संभव नही है। आपस मे लड़ने की बजाय सरकार से लड़ो, गरीबी, बीमारी, गंदगी,अज्ञान से लड़ो।
भारत संभावना का दूसरा नाम है। उम्मीदों की नई सुबह करना हमारे हाथ मे है। हमारे एक दोस्त कहते है, भारतीय जनता दुर्दशा के लिए खुद जिम्मेदार है। वह खुद बदलाव नही चाहता। खैर,
आज की राजनीति अपने मतलब का खयाल रख रही है। शिक्षित वर्ग को राजनीति और सत्ता के बाहर रखा जा रहा है। संयुक्त भारत पक्ष आधुनिक भारत का सपना देख रहा है। सामाजिक बराबरी और समानता, ऊंच-नीच जाती व्यवस्था का उन्मूलन होना जरूरी है। धर्म निरपेक्षता सही मायने में लागू होना जरूरी है। कट्टर धर्मवादियो से देश की अखंडता को खतरा पैदा हो रहा है। अंध राष्ट्रवाद, बहुसंख्यकवाद धार्मिक कट्टरता देश के लिए घातक है। मानवीयता और सामाजिक बराबरी राष्ट्र की बुनियाद है।
"INDIA FOR INDIANS"
राजनीति राष्ट्र सेवा का जरिया है। भ्रष्टाचार का नही। हम राजनीति का शुद्धिकरण करना चाहते है। आप नेता, पार्टी या सरकार पर निर्भर नही हो। ये आप पर निर्भर है। मनुष्य को मानसिक तथा सामाजिक विचारो को विकसित करना जरूरी है।
Youth are the Soul of India
मैं, मेरा परिवार, मेरी जाती, मेरा धर्म... इस से बाहर निकलना होगा। देश को स्वतंत्रता दिलाने में भारत माँ के सपूतों का जो खून बहा वो लाल था। अब हमारे रगों में हरा, केशरी, नीला खून बहने लगा है। स्वार्थ के लिए कोई आपको भटका रहा है। भारत बहुरूपियों का अड्डा बन चुका है। ब्लड बैंक से जब खून लेते हो तब पूछते हो क्या ये किस जाती के आदमी का है ? हमारे आंतरिक चेतना को जगाना होगा।
"एक भारत श्रेष्ठ भारत" यह नारा फिर से देना होगा। हम भारत के अस्तित्व की लड़ाई लड़ने निकले है।हमे आपका साथ चाहिये। करोड़ो लोग भूखे सोते है। करोड़ो लोग बेरोजगार है। इस के लिए सत्ता में रहा हर व्यक्ति ज़िमेदार है।
ये गद्दार लोग है। इन्होंने गरीबों के वोटों से सत्ता तो हासिल की, लेकिन बाद में गरीबों की बिल्कुल चिंता नही की। जमी दुश्मन जमां दुश्मन जो आपके अपने थे पराये है। सुनोगे दास्तां क्या तुम मेरे हाले परेशां की। देश की संसद मंदिर है। वहाँ शुद्ध, पवित्र, और चरित्रवान लोग भेजे जाने चाहिए। जिनके पास विद्या नही, बुद्धि नही, चरित्र नही ऐसे लोगों को वोट ना दे। भारत की सरकारें भ्रष्ट नही है। बल्कि भ्रष्टाचार के लिए सरकारे बनाती है। आज देश बेचा जा रहा है और हमें महासत्ता होने का सपना दिखाया जा रहा है। किस कारण देश महासत्ता बन रहा है ? किस चीज पे नाज करे...??
भुखमरी, बेरोजगारी, जनसंख्या, महंगाई, डूबी हुई अर्थ व्यवस्था...??? हमारे मानसिकता में खोकला राष्ट्रवाद भरा गया है। अब हम उसी को राष्ट्रहित समझ रहे है। हम संयुक्त भारत पक्ष के माध्यम से,एक हाथ मे संविधान और दूसरे हाथ मे समता का निशान लेकर मैदान में उतरे है। किसी एक जाती-धर्म को दूसरे जाती-धर्म के खिलाफ भड़काकर वोट पाने को हम अधर्म मानते है।
हम देश मे शांति, अमन, भाईचारा चाहते है। समता, एकता और अखंडता चाहते है। भारत मे, वोट और सत्ता ध्यान में रखकर पार्टिया काम करती है। लेकिन हम दौलत कमाने के लिए राजनीति में नही आये। हमारी दौलत राजनीति है। देश की उन्नति हर व्यक्ति पर निर्भर है। छात्र, शिक्षक,तंत्रज्ञ, किसान, व्यापारी, महिला, पुरुष...हमें जागना होगा।
राजनीति में आना होगा। अच्चे लोग, अच्छी पार्टी को पहचानना होगा। उम्मीद करता हूं। आप मुझे जरूर समझोगे।
अशोक बहादरे
राष्ट्रीय अध्यक्ष, संयुक्त भारत पक्ष
